उर्दू शायरी · ग़ज़ल

apne dil par hi nahin hai mujhe qabu bolo

अपने दिल पर ही नहीं है मुझे क़ाबू बोलो

اپنے دل پر ہی نہیں ہے مجھے قابو بولو

शायर: Aarif Nazeer5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

अपने दिल पर ही नहीं है मुझे क़ाबू बोलो
तुम ने कर तो नहीं रक्खा कोई जादू बोलो

जितनी प्यारी तिरी आँखें हैं तिरा लहजा है
सिर्फ़ इतना ही कहूँगा तुझे उर्दू बोलो

दिल जिगर जिस से हो घायल ये वही आला है
अपनी नज़रों को नज़र तुम नहीं चाक़ू बोलो

अब वो तहज़ीब-ओ-तमद्दुन कहीं मदफ़ून हुई
इस सलीक़े से मिरी जान न उर्दू बोलो

अपने दामन में समो लेते हो जिस को 'आरिफ़'
वो लहू होता है दिल का मगर आँसू बोलो