उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ye shoKHiyan ye jawani kahan se laen hum

ये शोख़ियाँ ये जवानी कहाँ से लाएँ हम

یہ شوخیاں یہ جوانی کہاں سے لائیں ہم

शायर: Varun Anand5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ये शोख़ियाँ ये जवानी कहाँ से लाएँ हम
तुम्हारे हुस्न का सानी कहाँ से लाएँ हम

मोहब्बतें वो पुरानी कहाँ से लाएँ हम
रुकी नदी में रवानी कहाँ से लाएँ हम

हमारी आँख है पैवस्त एक सहरा में
अब ऐसी आँख में पानी कहाँ से लाएँ हम

हर एक लफ़्ज़ के मा'नी तलाशते हो तुम
हर एक लफ़्ज़ का मा'नी कहाँ से लाएँ हम

चलो बता दें ज़माने को अपने बारे में
कि रोज़ झूटी कहानी कहाँ से लाएँ हम