उर्दू शायरी · ग़ज़ल

chand sitare phul parinde sham sawera ek taraf

चाँद सितारे फूल परिंदे शाम सवेरा एक तरफ़

چاند ستارے پھول پرندے شام سویرا ایک طرف

शायर: Varun Anand6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

चाँद सितारे फूल परिंदे शाम सवेरा एक तरफ़
सारी दुनिया उस का चर्बा उस का चेहरा एक तरफ़

वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं
उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़

जिस शय पर वो उँगली रख दे उस को वो दिलवानी है
उस की ख़ुशियाँ सब से अव्वल सस्ता महँगा एक तरफ़

सारी दुनिया जो भी बोले सब कुछ शोर-शराबा है
सब का कहना एक तरफ़ है उस का कहना एक तरफ़

ज़ख़्मों पर मरहम लगवाओ लेकिन उस के हाथों से
चारा-साज़ी एक तरफ़ है उस का छूना एक तरफ़

उस ने सारी दुनिया माँगी मैं ने उस को माँगा है
उस के सपने एक तरफ़ हैं मेरा सपना एक तरफ़