उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ghazal ki chahaton ashaar ki jagir wale hain

ग़ज़ल की चाहतों अशआ'र की जागीर वाले हैं

غزل کی چاہتوں اشعار کی جاگیر والے ہیں

शायर: Varun Anand5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ग़ज़ल की चाहतों अशआ'र की जागीर वाले हैं
तुम्हें किस ने कहा है हम बरी तक़दीर वाले हैं

वो जिन को ख़ुद से मतलब है सियासी काम देखें वो
हमारे साथ आएँ जो पराई पैर वाले हैं

वो जिन के पाँव थे आज़ाद पीछे रह गए हैं वो
बहुत आगे निकल आएँ हैं जो ज़ंजीर वाले हैं

हैं खोटी निय्यतें जिन की वो कुछ भी पा नहीं सकते
निशाने क्या लगें उन के जो टेढ़े तीर वाले हैं

तुम्हारी यादें पत्थर बाज़ियाँ करती हैं सीने में
हमारे हाल भी अब हू-ब-हू कश्मीर वाले हैं