उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dekho mere jaisi haalat hoti hai

देखो मेरे जैसी हालत होती है

دیکھو میرے جیسی حالت ہوتی ہے

शायर: Varun Anand6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

देखो मेरे जैसी हालत होती है
सच कहने की जिन को आदत होती है

मैं सहरा की रेत हूँ तू है दरिया की
सब की अपनी अपनी क़िस्मत होती है

उतना ही इस दहर में जी पाता है कोई
जिस के अंदर जितनी वहशत होती है

जिस पल तुझ से दूर हुआ करता हूँ मैं
उस पल तेरी सख़्त ज़रूरत होती है

तेरे जैसे लोग वहीं से आते हैं
जन्नत से आगे जो जन्नत होती है

देखें कितनी बार दुखी होते हैं हम
देखें कितनी बार मोहब्बत होती है