उर्दू शायरी · ग़ज़ल

apne bachchon se pal pal ke dukh

अपने बच्चों से पाल पाल के दुख

اپنے بچوں سے پال پال کے دکھ

शायर: Varun Anand7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

अपने बच्चों से पाल पाल के दुख
हम ने रक्खे तिरे सँभाल के दुख

एक दिन की ख़ुराक है मेरी
आप के हैं जो पूरे साल के दुख

मेरी ख़ुशियाँ भी रौंदते हैं सभी
उस के रखते हैं सब सँभाल के दुख

मैं ने मेहनत से सब कमाए हैं
मेरे दुख हैं सभी हलाल के दुख

उन को दरकार है समा'अत भी
दिल से देखे कभी निकाल के दुख

आप के दुख तो आम ही दुख हैं
मेरे दुख हैं सभी कमाल के दुख

आप इंग्लिश में बात करते हैं
आप क्या जानें मीम दाल के दुख