उर्दू शायरी · ग़ज़ल

farebi shirin ziyaada zahin logon se

फ़रेबी शीरीं ज़ियादा ज़हीन लोगों से

فریبی شیریں زیادہ ذہین لوگوں سے

शायर: Varun Anand6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

फ़रेबी शीरीं ज़ियादा ज़हीन लोगों से
गुरेज़ करता हूँ मैं ऐसे तीन लोगों से

फ़क़ीर औलिया शाइ'र मतीन लोगों से
मिला-जुला करो इन बेहतरीन लोगों से

ये कितनी लाशें सहेजे कहाँ कहाँ रक्खे
कि तंग आ गई है अब ज़मीन लोगों से

यक़ीन कर वो तिरे पास लौट आएगा
जब उस का उठने लगेगा यक़ीन लोगों से

तुम उस के हुस्न पर जब जब भी तब्सिरा करना
तो पहले मशवरा लेना हसीन लोगों से

ये माँगने पे कहाँ कुछ किसी को देते हैं
जो तेरा हक़ है उसे लड़ के छीन लोगों से