उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ye jo sar niche kiye baiThe hain

ये जो सर नीचे किए बैठे हैं

یہ جو سر نیچے کئے بیٹھے ہیں

शायर: Jaleel Manikpuri12 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ये जो सर नीचे किए बैठे हैं
जान कितनों की लिए बैठे हैं

जान हम सब्ज़ा-ए-ख़त पर दे कर
ज़हर के घोंट पिए बैठे हैं

दिल को हम ढूँडते हैं चार तरफ़
और यहाँ आप लिए बैठे हैं

वाइज़ो छेड़ो न रिंदों को बहुत
ये समझ लो कि पिए बैठे हैं

गोशे आँचल के तिरे सीने पर
हाए क्या चीज़ लिए बैठे हैं

दस्त-ए-वहशत को ख़बर कर दे कोई
हम गरेबान सिए बैठे हैं

हाए पूछो न तसव्वुर के मज़े
गोद में तुम को लिए बैठे हैं

आप के नाज़ उठाने वाले
जान को सब्र किए बैठे हैं

बल जबीं पर है ख़ुदा ख़ैर करे
आज वो तेग़ लिए बैठे हैं

इस तवक़्क़ो पे कि लें वो तलवार
सर हथेली पे लिए बैठे हैं

जान दे देंगे तुम्हारे दर पर
हम अब उठने के लिए बैठे हैं

ज़िक्र क्या जाम-ओ-सुबू का कि 'जलील'
एक मय-ख़ाना पिए बैठे हैं