उर्दू शायरी · ग़ज़ल

aaj tak dil ki aarzu hai wahi

आज तक दिल की आरज़ू है वही

آج تک دل کی آرزو ہے وہی

शायर: Jaleel Manikpuri9 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

आज तक दिल की आरज़ू है वही
फूल मुरझा गया है बू है वही

सौ बहारें जहाँ में आई गईं
माया-ए-सद-बहार तू है वही

जो हो पूरी वो आरज़ू ही नहीं
जो न पूरी हो आरज़ू है वही

मान लेता हूँ तेरे वा'दे को
भूल जाता हूँ मैं कि तू है वही

तुझ से सौ बार मिल चुके लेकिन
तुझ से मिलने की आरज़ू है वही

सब्र आ जाए इस की क्या उम्मीद
मैं वही दिल वही है तू है वही

हो गई है बहार में कुछ और
वर्ना साग़र वही सुबू है वही

'उम्र गुज़री तलाश में लेकिन
गर्मी-हा-ए-जुस्तुजू है वही

मय-कदे का 'जलील' रंग न पूछ
रक़्स-ए-जाम ओ ख़ुम ओ सुबू है वही