उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ye jo mujhko gira diya gaya hai

ये जो मुझ को गिरा दिया गया है

یہ جو مجھ کو گرا دیا گیا ہے

शायर: Qamar Raza Shahzad5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ये जो मुझ को गिरा दिया गया है
आप को रास्ता दिया गया है

कोई तेरी मिसाल ही न रहे
आइना भी हटा दिया गया है

दुख तो ये है तिरे बिछड़ने का दुख
आँसुओं में बहा दिया गया है

एक दिल ही था ज़ौ-फ़िशाँ सर-ए-शाम
ये दिया भी बुझा दिया गया है

मुझ को इस दश्त-ए-इश्क़ में 'शहज़ाद'
क़ैस का मर्तबा दिया गया है