उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ye bhul bhi kya bhul hai ye yaad bhi kya yaad

ये भूल भी क्या भूल है ये याद भी क्या याद

یہ بھول بھی کیا بھول ہے یہ یاد بھی کیا یاد

शायर: Jalaluddin Akbar3 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ये भूल भी क्या भूल है ये याद भी क्या याद
तू याद है और कोई नहीं तेरे सिवा याद

उस हुस्न-ए-तअल्लुक़ का अदा शुक्र हो क्यूँ-कर
मैं ने जो किया याद तो उस ने भी किया याद

उस मर्द-ए-ख़ुदा-मस्त की क्या बात है 'अकबर'
जिस को न रहा कुछ भी बजुज़ याद-ए-ख़ुदा याद