उर्दू शायरी · ग़ज़ल

humse qaem junun-e-ulfat hai

हम से क़ाएम जुनून-ए-उल्फ़त है

ہم سے قائم جنون الفت ہے (ردیف .. م)

शायर: Jalaluddin Akbar3 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

हम से क़ाएम जुनून-ए-उल्फ़त है
यानी सर-गश्ता-ए-वफ़ा हैं हम

एक आलम के दिल में बसते हैं
यानी इक दिल-नशीं अदा हैं हम

इश्क़ से है फ़रोग़-ए-रंग-ए-जहाँ
इब्तिदा हम हैं इंतिहा हैं हम