उर्दू शायरी · ग़ज़ल

wo mere pas aana chahta hai

वो मेरे पास आना चाहता है

وہ میرے پاس آنا چاہتا ہے

शायर: Naeem Akhtar Khadimi7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

वो मेरे पास आना चाहता है
मगर कोई बहाना चाहता है

जो मुझ पर मुस्कुराना चाहता है
कई नश्तर चलाना चाहता है

यूँही उलझा नहीं है पाँव मेरा
कोई मुझ को गिराना चाहता है

सर-ए-बाज़ार तुझ को लाने वाला
तिरी क़ीमत घटाना चाहता है

जुनूँ तो देख उस तारे का ऐ शब
वो तुझ को दिन बनाना चाहता है

बराबर में वो आया तो मैं समझा
वो मुझ से आगे जाना चाहता है

'न'ईम' उस का बिगाड़ेगा कोई क्या
ख़ुदा जिस को बनाना चाहता है