उर्दू शायरी · ग़ज़ल

wo jo ghazlon ke ustad hain doston

वो जो ग़ज़लों के उस्ताद हैं दोस्तों

وہ جو غزلوں کے استاد ہیں دوستوں

शायर: Urmilesh7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

वो जो ग़ज़लों के उस्ताद हैं दोस्तों
क्या कहें कितने जल्लाद हैं दोस्तों

ज़िंदगी की ज़बाँ उन को आती नहीं
वो किताबों की ईजाद है दोस्तों

एक भी शे'र ग़ालिब का समझे नहीं
वैसे ग़ालिब की औलाद हैं दोस्तों

बुलबुलों सी वो ग़ज़लें सँवारेंगे क्या
वो तख़ल्लुस से सय्याद हैं दोस्तों

क्या अजब शख़्स हैं कुछ भी समझे बिना
दे रहे दाद पर दाद हैं दोस्तों

उन के शागिर्द जो भी हैं बर्बाद हैं
और वो हैं कि आबाद हैं दोस्तों

अब भी साक़ी सुराही में उलझे हैं वो
गुज़रे वक़्तों की इक याद हैं दोस्तों