उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kal na badla wo aaj badlega

कल न बदला वो आज बदलेगा

کل نہ بدلا وہ آج بدلے گا

शायर: Urmilesh6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

कल न बदला वो आज बदलेगा
वक़्त अपना मिज़ाज बदलेगा

आदमी के यहाँ तलाश करो
आदमी ही समाज बदलेगा

फूल-माला बने रहे जो तुम
कैसे काँटों का राज बदलेगा

वही अफ़सर वही चपरासी
कैसे सब काम-काज बदलेगा

वो जो ख़ुद को बदल नहीं सकता
वो भला क्या रिवाज बदलेगा

रोग बढ़ता ही जा रहा है दोस्त
जाने वो कब इलाज बदलेगा