उर्दू शायरी · ग़ज़ल

puri himmat ke sath bolenge

पूरी हिम्मत के साथ बोलेंगे

پوری ہمت کے ساتھ بولیں گے

शायर: Urmilesh7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

पूरी हिम्मत के साथ बोलेंगे
जो सही है वो बात बोलेंगे

साहिबो हम क़लम के बेटे हैं
कैसे हम दिन को रात बोलेंगे

पेड़ के पास आँधियाँ रख दो
पेड़ के पात पात बोलेंगे

ताज को मेरी नज़रों से देखो
जो कटे थे वो हाथ बोलेंगे

उन को कुर्सी पे बैठने तो दो
वो भी फिर वाहियात बोलेंगे

मुल्क के हाल-चाल कैसे हैं
ख़ुद-ब-ख़ुद वाक़िआ'त बोलेंगे

शब्द को नाप तौल कर कहना
अर्थ भी उस के साथ बोलेंगे