उर्दू शायरी · ग़ज़ल

wo bar bar mera dil KHushi se toDe par

वो बार बार मिरा दिल ख़ुशी से तोड़े पर

وہ بار بار مرا دل خوشی سے توڑے پر

शायर: Tahir Saood Kiratpuri7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

वो बार बार मिरा दिल ख़ुशी से तोड़े पर
न आंधियों में कबूतर मियाँ के छोड़े पर

जहाँ वो दफ़्न हुए थे गुलाब उगने लगे
शदीद ज़ुल्म हुआ था ग़रीब जोड़े पर

कभी तो साए में बैठा करो बुज़ुर्गों के
सवार रहते हो हर पल हवा के घोड़े पर

वो आज रात भी पल-भर को ख़्वाब में आए
गुज़ारा आज भी हम ने किया है थोड़े पर

तुम्हारा साँप तुम्ही को निगलने वाला है
कि बे-ख़ताओं का ख़ूँ है तुम्हारे कोड़े पर

हमारे पाँव के नीचे भी कुछ सितारे हों
तवज्जोह इस लिए की रास्ते के रोड़े पर

ये नींद है कि कोई मौत टूटती ही नहीं
'स'ऊद' हर तरह शाहीन के झिंझोड़े पर