उर्दू शायरी · ग़ज़ल

chand sitara chand sitara hota hai

चाँद सितारा चाँद सितारा होता है

چاند ستارہ چاند ستارہ ہوتا ہے

शायर: Tahir Saood Kiratpuri7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

चाँद सितारा चाँद सितारा होता है
'अक़्ल का मारा 'अक़्ल का मारा होता है

बाप को वो भी जान से प्यारा होता है
वो क़तरा जो बिल्कुल खारा होता है

वो भी हँसता है अब औरों के दुख पर
जिस ने दुख में वक़्त गुज़ारा होता है

कच्चे और कमज़ोर मकानों में ही नहीं
महलों में भी भाई-चारा होता है

उन की किताबी आँखें यूँ हैं हिफ़्ज़ कि बस
जैसे किसी को ‘अम का पारा होता है

ऊँचे महलों में भी मेरे क़ाबिल दोस्त
जैसे-तैसे रोज़ गुज़ारा होता है

लोग यूँही बेकार समझते हैं 'ताहिर'
अस्ल में शा'इर एक इदारा होता है