उर्दू शायरी · ग़ज़ल

unT ka qad ghaTa ke dekh zara

ऊँट का क़द घटा के देख ज़रा

اونٹ کا قد گھٹا کے دیکھ ذرا

शायर: M Ali8 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ऊँट का क़द घटा के देख ज़रा
ख़ुद को पर्वत बना के देख ज़रा

एक बच्चा मिलेगा हँसता हुआ
कोई ग़ुंचा खिला के देख ज़रा

आ बताऊँ तुझे ख़ुशी क्या है
ग़म किसी का उठा के देख ज़रा

रौशनी डाल देगी इक पर्दा
सच अँधेरों में आ के देख ज़रा

बे-लिबासी ज़मीं की मिट जाए
घास ही कुछ उगा के देख ज़रा

कैसे बनती है इक सदी लम्हा
सोई यादें जगा के देख ज़रा

नींद टूटेगी कब ये दस्तक से
एक ठोकर लगा के देख ज़रा

बुझ के रह जाएँगे 'अली' सूरज
अपने दिल को जला के देख ज़रा