उर्दू शायरी · ग़ज़ल

aankh mein tufan pairon mein bhanwar le jaega

आँख में तूफ़ान पैरों में भँवर ले जाएगा

آنکھ میں طوفان پیروں میں بھنور لے جائے گا

शायर: M Ali6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

आँख में तूफ़ान पैरों में भँवर ले जाएगा
हक़ हथेली पर सजाए अपना सर ले जाएगा

बादलों की फ़ौज सूरज को बुझा सकती नहीं
छीन कर कोई फ़लक से कब सहर ले जाएगा

सुब्ह होगी ख़्वाब आँखों में लिए निकलेगा वो
शाम होगी फिर वो अपनी लाश घर ले जाएगा

तुख़्म-रेज़ी अपनी फ़ितरत है लगाएँगे समर
जानते हैं दूसरा कोई समर ले जाएगा

एक दहशत एक वहशत एक वीरानी सही
हम तो जाएँगे उधर ही दिल जिधर ले जाएगा

वो हवा-ए-तुंद है कुछ भी न छोड़ेगा 'अली'
फूल से ख़ुशबू दु'आओं से असर ले जाएगा