उर्दू शायरी · ग़ज़ल

use bhula ke bhi yaadon ke silsile na gae

उसे भुला के भी यादों के सिलसिले न गए

اسے بھلا کے بھی یادوں کے سلسلے نہ گئے

शायर: Raees Warsi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

उसे भुला के भी यादों के सिलसिले न गए
दिल-ए-तबाह तिरे उस से राब्ते न गए

किताब-ए-ज़ीस्त के उनवाँ बदल गए लेकिन
निसाब-ए-जाँ से कभी उस के तज़्किरे न गए

मुझे तो अपनी ही सादा-दिली ने लूटा है
कि मेरे दिल से मुरव्वत के हौसले न गए

मैं चाँद और सितारों के गीत गाता रहा
मिरे ही घर से अँधेरों के क़ाफ़िले न गए

'रईस' जुरअत-ए-इज़हार मेरा विर्सा है
क़सीदे मुझ से किसी शाह के लिखे न गए