उर्दू शायरी · ग़ज़ल

us ka lahja aisa jaise machis ki ek tili si

उस का लहजा ऐसा जैसे माचिस की इक तीली सी

اس کا لہجہ ایسا جیسے ماچس کی اک تیلی سی (ردیف .. *)

शायर: Gaazi Moin5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

उस का लहजा ऐसा जैसे माचिस की इक तीली सी
दिल पे सीधे लग जाती है उस की बात नुकीली सी

सूखे सूखे लब हैं उस के उस की पलकें गीली सी
जाने कैसा दर्द मिला है आँखें हैं पथरीली सी

उर्यानी का रक़्स है जारी बस एक बटन दबाते ही
नस्ल-ए-नौ देखे जाती है फिल्में नीली नीली सी

इस रस्ते पे चलना बेहद मुश्किल बेहद मुश्किल है
सच्चाई की राह है यारो राह भी वो पथरीली सी

सस्ती है बेहद ये जाँ बच के रहना जान-ए-जाँ
जाने कैसी हवा चली है साँसें हैं ज़हरीली सी