उर्दू शायरी · ग़ज़ल

lamba rasta nange panw

लम्बा रस्ता नंगे पाँव

لمبا رستا ننگے پاؤں (ردیف .. و)

शायर: Gaazi Moin5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

लम्बा रस्ता नंगे पाँव
जाना है पर अपने गाँव

शहर बड़ा ज़ालिम है यार
बुला रही पीपल की छाँव

क्यों इतने मजबूर हुए
किस ने खेला ऐसा दाँव

ऊँची लम्बी बिल्डिंग से
बेहतर है काग़ज़ की नाव

रुकना मत बस चलना है
चाहे पैरों में हो घाव