उर्दू शायरी · ग़ज़ल

mausam-e-la-jawab aaya hai

मौसम-ए-ला-जवाब आया है

موسم لا جواب آیا ہے

शायर: Gaazi Moin6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मौसम-ए-ला-जवाब आया है
मेरे ख़त का जवाब आया है

खो न दें होश देखने वाले
उस पे ऐसा शबाब आया है

शहर-ए-एहसास कितना वीराँ है
दौर ऐसा ख़राब आया है

शाम-ए-तन्हाई अब कटेगी क्या
मेरी आँखों में ख़्वाब आया है

मेरी आँखें भी झुक गईं आख़िर
उस के रुख़ पर हिजाब आया है

मुँह से 'ग़ाज़ी' न तुम कहो लेकिन
दिल किसी पे जनाब आया है