उर्दू शायरी · ग़ज़ल

umr guzri hasrat-e-didar mein

'उम्र गुज़री हसरत-ए-दीदार में

عمر گزری حسرت دیدار میں

शायर: Rafique Dehlvi7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

'उम्र गुज़री हसरत-ए-दीदार में
जान तक दे दी ख़याल-ए-यार में

वो हैं जौहर अबरू-ए-ख़मदार में
जो नहीं हैं तेग़ में तलवार में

हज़रत-ए-यूसुफ़ की आँखें खुल गईं
बिक चुके जब मिस्र के बाज़ार में

आँख मिलने की भी रखनी चाहिए
सुल्ह का पहलू रहे तकरार में

दीन-ओ-दुनिया की नहीं हम को ख़बर
महव हैं हम तो ख़याल-ए-यार में

दश्त में जिस ने गुज़ारी ज़िंदगी
वो भला क्यूँकर रहे गुलज़ार में

साथ दिल के रूह खिंचती है 'रफ़ीक़'
है क़यामत की कशिश गुफ़्तार में