उर्दू शायरी · ग़ज़ल

TuTe dil se koi ummid laga kar rakhna

टूटे दिल से कोई उम्मीद लगा कर रखना

ٹوٹے دل سے کوئی امید لگا کر رکھنا

शायर: Balmohan panday4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

टूटे दिल से कोई उम्मीद लगा कर रखना
इतना आसान नहीं फूल पे पत्थर रखना

उस को आदत ये परेशान बहुत रक्खेगी
उस की आदत थी मिरा हाथ पकड़ कर रखना

इस का क्या शिकवा उसे रोक नहीं पाए हम
एक मुफ़्लिस को कहाँ आता है ज़ेवर रखना

हाए वो इश्क़ छुपाने के ज़माने 'मोहन'
याद आता है ग़लत नाम से नंबर रखना