उर्दू शायरी · ग़ज़ल

khul ke ro lene se dil halkan ho jaega kya

खुल के रो लेने से दिल हलकान हो जाएगा क्या

کھل کے رو لینے سے دل ہلکان ہو جائے گا کیا

शायर: Balmohan panday4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

खुल के रो लेने से दिल हलकान हो जाएगा क्या
मुस्कुरा दूँगा तो सब आसान हो जाएगा क्या

मैं अगर अपनी ख़ुशी से एक दिन भी काट लूँ
आप लोगों का बहुत नुक़सान हो जाएगा क्या

वो मेरी दुनिया का हिस्सा थी मेरी दुनिया नहीं
एक शजर कटने से बन वीरान हो जाएगा क्या

दिन-ब-दिन रिश्तों की ज़ंजीरें जकड़ती जाएँगी
रफ़्ता-रफ़्ता घर मेरा ज़िंदान हो जाएगा क्या