उर्दू शायरी · ग़ज़ल

rawangi mein samay ka KHayal karte hain

रवानगी में समय का ख़याल करते हैं

روانگی میں سمے کا خیال کرتے ہیں

शायर: Balmohan panday5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

रवानगी में समय का ख़याल करते हैं
फिर उस को भेज के पहरों मलाल करते हैं

ज़रा से तल्ख़-बयानी पसंद हैं फिर भी
उदास लोग मोहब्बत कमाल करते हैं

अब उन को इश्क़ के आदाब कौन समझाए
बुझे चराग़ हवा से सवाल करते हैं

गुनह है इश्क़ पे पाबंदियाँ बजा लेकिन
तुम्हारे लोग तो जीना मुहाल करते हैं

इस एक जुमले ने करने नहीं दिया कुछ भी
जो लोग कुछ नहीं करते कमाल करते हैं