उर्दू शायरी · ग़ज़ल

tumne dil ke diye bujhae hain

तुम ने दिल के दिए बुझाए हैं

تم نے دل کے دیے بجھائے ہیں

शायर: Parveen Fana Syed5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तुम ने दिल के दिए बुझाए हैं
हम ग़मों के चराग़ लाए हैं

तुम से अब हम गिला करें भी तो क्या
हम ने ख़ुद ही फ़रेब खाए हैं

सफ़-ब-सफ़ रौशनी के पर्दे में
ज़ुल्मतों के मुहीब साए हैं

तुम ने महलों की रौशनी के लिए
कितने मा'सूम दिल जलाए हैं

क़त्ल जब भी हुए ख़याल मिरे
कैसे कैसे ख़याल आए हैं