उर्दू शायरी · ग़ज़ल

tumko chhoDa to aisa laga jaise KHud se alag ho gae

तुम को छोड़ा तो ऐसा लगा जैसे ख़ुद से अलग हो गए

تم کو چھوڑا تو ایسا لگا جیسے خود سے الگ ہو گئے

शायर: Aadarsh Dubey5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तुम को छोड़ा तो ऐसा लगा जैसे ख़ुद से अलग हो गए
एक मंज़िल को जाते हुए अपने रस्ते अलग हो गए

बस इसी बात से ग़म-ज़दा बस इसी बात का दुख हमें
दूसरों से यूँ मिलते हुए मेरे अपने अलग हो गए

कुछ सियासत से तोड़े गए कुछ को साज़िश ने बहका दिया
एक माँ के हैं जाए सभी आज कितने अलग हो गए

रात की सम्त देखो नहीं नींद उस दिन से आई नहीं
जब से वालिद के ही सामने उस के बेटे अलग हो गए

बस यही हाल होगा तेरा बस यही हाल होगा मेरा
जैसे एक पेड़ की शाख़ से उस के पत्ते अलग हो गए