उर्दू शायरी · ग़ज़ल

aansuon ko raushnai kar raha hun

आँसुओं को रौशनाई कर रहा हूँ

آنسوؤں کو روشنائی کر رہا ہوں

शायर: Aadarsh Dubey5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

आँसुओं को रौशनाई कर रहा हूँ
इस ज़माना से लड़ाई कर रहा हूँ

कोई चारागर नहीं है आज मेरा
हर मरज़ की ख़ुद दवाई कर रहा हूँ

एक नन्हे से दिए की रौशनी ले
मैं अँधेरों से लड़ाई कर रहा हूँ

मैं बुराई कर रहा हूँ आप की या
मैं ही ख़ुद अपनी बुराई कर रहा हूँ

कल से बोऊँगा सुनहरे ख़्वाब इन में
आज आँखों की सफ़ाई कर रहा हूँ