उर्दू शायरी · ग़ज़ल

tujhe kho kar kisi se pyar hona chahiye tha

तुझे खो कर किसी से प्यार होना चाहिए था

تجھے کھو کر کسی سے پیار ہونا چاہیے تھا

शायर: Qamar Raza Shahzad5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तुझे खो कर किसी से प्यार होना चाहिए था
हमें इतना तो दुनिया-दार होना चाहिए था

अभी तक खुल नहीं पाया कि तेरी दास्ताँ में
हमारा कौन सा किरदार होना चाहिए था

किसी के फ़ैसले को मुस्तरद करने से पहले
हमें भी ग़ैर जानिब-दार होना चाहिए था

कहाँ तक उस किनारे पर रहेंगे हम कि अब तो
ये दरिया भी कहीं से पार होना चाहिए था

बदलनी चाहिए थी ख़ाक की तासीर 'शहज़ाद'
हमारे ख़ून को तलवार होना चाहिए था