उर्दू शायरी · ग़ज़ल

to us pe aur hamein shiddaton se pyar aaya

तो उस पे और हमें शिद्दतों से प्यार आया

تو اس پہ اور ہمیں شدتوں سے پیار آیا

शायर: Ghalib Duraib6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तो उस पे और हमें शिद्दतों से प्यार आया
हमारे पास वो जब हो के बे-क़रार आया

वो जिन को मैं ने सिखाया था हँसते रहने का फ़न
उन्ही की बज़्म से मैं आज अश्क-बार आया

किसी को छूते हुए था मुझे किसी का ख़याल
मैं आज नक़्श किसी का कहीं उतार आया

तुम्हारी याद ही आई ज़ियादा-तर हम को
तुम्हारा ज़िक्र तो वर्ना बस एक बार आया

मैं जानता भी था कोई नहीं सुनेगा मिरी
किसी को वक़्त-ए-ज़रूरत मगर पुकार आया

कभी हमीं ने नहीं की निगाह उस की तरफ़
हमारी राह में वो तो हज़ार बार आया