उर्दू शायरी · ग़ज़ल

tez jab KHanjar-e-bedad kiya jaega

तेज़ जब ख़ंजर-ए-बेदाद किया जाएगा

تیز جب خنجر بیداد کیا جائے گا

शायर: Hafeez Banarasi6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तेज़ जब ख़ंजर-ए-बेदाद किया जाएगा
हम ग़रीबों का गला याद किया जाएगा

ग़ैर को ख़ुश हमें नाशाद किया जाएगा
कब तलक ये सितम ईजाद किया जाएगा

ये तो बतलाओ हमें शहर बसाने वालो
दिल का वीराना कब आबाद किया जाएगा

और क्या होगा तिरे अहद-ए-सितम में ऐ दोस्त
रोज़ ताज़ा सितम ईजाद किया जाएगा

ये जहाँ मुर्दा-परस्तों का जहाँ है यारो
हम न होंगे तो हमें याद किया जाएगा

दस्त-ओ-बाज़ू से भी कुछ काम लिया जाए 'हफ़ीज़'
ता-ब-कै शिकवा-ए-सय्याद किया जाएगा