उर्दू शायरी · ग़ज़ल

tewar tumhaare dekh kar aadha suKHan karun

तेवर तुम्हारे देख कर आधा सुख़न करूँ

تیور تمہارے دیکھ کر آدھا سخن کروں

शायर: Yawar Azeem9 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तेवर तुम्हारे देख कर आधा सुख़न करूँ
वर्ना मैं चाहता हूँ ज़ियादा सुख़न करूँ

मुझ को मिरी ग़ज़ल का चमकना पसंद है
पूरा करूँ ये नेक इरादा सुख़न करूँ

ख़ामोशी दब न जाए मआ'नी के बोझ से
आहिस्ता उस की पुश्त पे लादा सुख़न करूँ

ये कम नुमू चराग़ मुझे देखते रहें
जब बाद-ए-तुंद से सर-ए-जादा सुख़न करूँ

जो बात मेरे दिल में है सब को पता चले
अक्सर ये सोचता हूँ कि सादा सुख़न करूँ

मेरा कमाल ये है बिसात-ए-कमाल पर
शाहों के रू-ब-रू मैं पियादा सुख़न करूँ

मैं इक क़दीम मत्न की सूरत लिखा हुआ
पहनूँ हुरूफ़-ए-नौ का लबादा सुख़न करूँ

ये शायरी है कोई तिजारत नहीं जनाब
तुफ़ है अगर बराए-इफ़ादा सुख़न करूँ

'यावर' मैं कोई शाइ'र-ए-कम-हौसला नहीं
जो देख कर ज़मीन कुशादा सुख़न करूँ