उर्दू शायरी · ग़ज़ल

tere ruKHsar ka main diwana hua

तेरे रुख़्सार का मैं दिवाना हुआ

تیرے رخسار کا میں دوانہ ہوا

शायर: Maaz Muaviya4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तेरे रुख़्सार का मैं दिवाना हुआ
'इश्क़ तुझ से हुआ वालिहाना हुआ

मेरा जो दिल था मेरा तो था ही नहीं
मेरा उस्लूब भी 'आजिज़ाना हुआ

इक ज़माना हुआ तुझ को देखा नहीं
तुझ को देखा नहीं इक ज़माना हुआ

मेरे दिल में हुआ है मुक़य्यद कोई
तेरा दिल भी कोई क़ैद-ख़ाना हुआ