उर्दू शायरी · ग़ज़ल

tanhaiyon mein kya kahun kya yaad aa gaya

तन्हाइयों में क्या कहूँ क्या याद आ गया

تنہائیوں میں کیا کہوں کیا یاد آ گیا

शायर: JaiKrishn Chaudhry Habeeb6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तन्हाइयों में क्या कहूँ क्या याद आ गया
अफ़्साना एक भूला हुआ याद आ गया

आसाँ समझ के मंज़िल-ए-जानाँ पे हो लिए
वो मुश्किलें पड़ी कि ख़ुदा याद आ गया

समझा था मैं कि दिल में वो अब महव हो चुका
पहले से भी मगर वो सिवा याद आ गया

दिल ने फ़रेब इश्क़ में खाए हैं बार बार
हर बार दिल को अहद-ए-वफ़ा याद आ गया

मेरा सर-ए-ग़ुरूर नदामत से झुक गया
उस का करम जो मुझ को ज़रा याद आ गया

गुमनाम था 'हबीब' और गुमनाम चल दिया
उस का मगर वो सिद्क़-ओ-सफ़ा याद आ गया