उर्दू शायरी · ग़ज़ल

tamam shahr ko hairan karne wala hun

तमाम शहर को हैरान करने वाला हूँ

تمام شہر کو حیران کرنے والا ہوں

शायर: Ejaz Ansari5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तमाम शहर को हैरान करने वाला हूँ
मैं अपनी मौत का ए'लान करने वाला हूँ

मैं जानता हूँ कि है फ़ाएदा उन्हें मुझ से
वो सोचते हैं कि नुक़सान करने वाला हूँ

इरादा कर लिया अब तुझ को भूल जाने का
मैं ख़ुद को बे-सर-ओ-सामान करने वाला हूँ

सजा रहा हूँ वफ़ाओं से दामन-ए-क़िर्तास
और उस के प्यार को उन्वान करने वाला हूँ

किसी सफ़र में मुझे हम-सफ़र बना 'एजाज़'
मैं तेरी राह को आसान करने वाला हूँ