उर्दू शायरी · ग़ज़ल

taj mein ho bhi sakta hai

ताज में हो भी सकता है

تاج میں ہو بھی سکتا ہے

शायर: Ejaz Haidar6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ताज में हो भी सकता है
हीरा खो भी सकता है

जागे भाग तो मान न कर
बख़्त है सो भी सकता है

आँख में रहने वाले सुन
अश्क डुबो भी सकता है

वो क़हहार भी है लेकिन
बंदा रो भी सकता है

जिस में काटने का दम हो
वो ही बो भी सकता है

कौन किसी का है 'एजाज़'
क्या कोई हो भी सकता है