उर्दू शायरी · ग़ज़ल

baat jhuTi asar KHayali hai

बात झूटी असर ख़याली है

بات جھوٹی اثر خیالی ہے

शायर: Ejaz Haidar6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

बात झूटी असर ख़याली है
सरफ़रोशी का सर ख़याली है

कट गई ख़्वाब टूटने में उम्र
या'नी सारा सफ़र ख़याली है

भाई-चारा ख़ुलूस आश्ती अम्न
है सभी कुछ मगर ख़याली है

जलते रहना चराग़-ए-शब मिरे साथ
हिज्र भारी सहर ख़याली है

आते जाते रहा करो इस पर
दिल में इक रहगुज़र ख़याली है

नंगे पावँ कोई नहीं आता
अब तो हर दोपहर ख़याली है