उर्दू शायरी · ग़ज़ल

shiddat-e-dard aah se puchho

शिद्दत-ए-दर्द आह से पूछो

شدت درد آہ سے پوچھو

शायर: Badr Jamali7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

शिद्दत-ए-दर्द आह से पूछो
हालत-ए-दिल निगाह से पूछो

जानना हो जो राज़-ए-लुत्फ़-ए-हयात
गर्दिश-ए-मेहर-ओ-माह से पूछो

शीशा-ए-दिल के टूटने का हाल
शोरिश-ए-आह-आह से पूछो

राह में कितने कारवाँ गुम हैं
बात ये गर्द-ए-राह से पूछो

ज़र्रा-ए-ख़ाक की सर-अफ़राज़ी
मंज़िल-ए-महर-ओ-माह से पूछो

दिल की ख़ुद्दारियों पे क्या गुज़री
तालिब-ए-रस्म-ओ-राह से पूछो

ऐ 'जमाली' तलाश की लज़्ज़त
किसी गुम-कर्दा-राह से पूछो