उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dil ka jab afsana likh

दिल का जब अफ़्साना लिख

دل کا جب افسانہ لکھ

शायर: Badr Jamali7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दिल का जब अफ़्साना लिख
ग़म को साहब-ए-ख़ाना लिख

बेगाने को अपना कह
अपने को बेगाना लिख

राज़-ए-गुदाज़-ए-शम्अ' बता
सोज़-ए-दिल-ए-परवाना लिख

जिस में नहीं है ग़म उन का
उस दिल को वीराना लिख

कट जाएगी हिज्र की शब
हाल-ए-दिल-ए-दीवाना लिख

गालों को लिख जल्वा-ए-गुल
आँखों को मय-ख़ाना लिख

बदर-'जमाली' सौदाई है
तू इस को दीवाना लिख