उर्दू शायरी · ग़ज़ल

shab ki hairan kar gae mere unT

शब कि हैरान कर गए मिरे ऊँट

شب کہ حیران کر گئے مرے اونٹ

शायर: Ikram Arfi8 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

शब कि हैरान कर गए मिरे ऊँट
सुब्ह सहरा से भर गए मिरे ऊँट

रेत महकी तो गुनगुनाने लगे
चलते चलते ठहर गए मिरे ऊँट

जब्ल-ए-तारिक़ पे देख कर घोड़े
पानियों में उतर गए मिरे ऊँट

सजने वाला था कुंभ का मेला
आइना देख कर गए मिरे ऊँट

ख़ुश्क होंटों से मा'ज़रत कर ली
दिल के सहरा में मर गए मिरे ऊँट

रेत के इस क़दर शनावर थे
नख़्ल देखे तो डर गए मिरे ऊँट

और भी रास्ते थे घर की तरफ़
रेत पर चल के घर गए मिरे ऊँट

एक भी सीधी कल नहीं 'इकराम'
अपने अज्दाद पर गए मिरे ऊँट