उर्दू शायरी · ग़ज़ल

gaDiyon se na teri koThiyon se

गाड़ियों से न तेरी कोठियों से

گاڑیوں سے نہ تیری کوٹھیوں سے

शायर: Ikram Arfi6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

गाड़ियों से न तेरी कोठियों से
दुनिया चलती है चंद रोटियों से

दिल में आए कोई खरी 'औरत
ये कुआँ भर गया है खोटियों से

आप को ख़ौफ़ है नशेबों का
मैं गिरा हूँ बुलंद चोटियों से

प्यार अन्क़ा है जब जहाँ से मिले
गोरियों कालियों कलूटियों से

आख़िरी अंजुमन सजाऊँगा
नए यारों से और लंगोटियों से

मेहरबाँ सी दु'आ सलाम 'इकराम'
बड़ी बहनों की जैसे छोटियों से