उर्दू शायरी · ग़ज़ल

sanam se mohabbat bhi bezariyan bhi

सनम से मोहब्बत भी बेज़ारियाँ भी

صنم سے محبت بھی بیزاریاں بھی

शायर: JaiKrishn Chaudhry Habeeb10 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

सनम से मोहब्बत भी बेज़ारियाँ भी
जुनूँ-कोशियाँ भी हैं होश्यारियाँ भी

मोहब्बत की दुनिया मोहब्बत का आलम
कि हुश्यारियाँ भी हैं सरशारियाँ भी

कभी सिर्फ़ पत्थर कभी देवता है
हैं ख़ुद्दारियाँ भी परस्तारियाँ भी

मोहब्बत के राज़-ओ-नियाज़ अल्लाह अल्लाह
हैं शिकवे गिले भी वफ़ादारियाँ भी

है पुर-लुत्फ़ मंज़िल तो पुर-ख़ार राहें
कि आसानियाँ भी हैं दुश्वारियाँ भी

जराहत भी जाँ-बख़्श मरहम भी दिल-कश
दिल-आज़ारियाँ भी हैं ग़म-ख़्वारियाँ भी

ज़रा सिंफ़-ए-नाज़ुक की हिम्मत तो देखो
हैं कमज़ोरियाँ भी जिगर-दारियाँ भी

है वा'दों में लज़्ज़त बहानों में जिद्दत
वफ़ाएँ भी हैं और जफ़ा-कारियाँ भी

मोहब्बत ख़ता भी है उज़्र-ए-ख़ता भी
पशेमानियाँ भी हैं लाचारियाँ भी

'हबीब' आदमी भी अजब चीसताँ है
मोहब्बत भी है और सियह-कारियाँ भी