उर्दू शायरी · ग़ज़ल

safar mein hum akele to nahin the

सफ़र में हम अकेले तो नहीं थे

سفر میں ہم اکیلے تو نہیں تھے

शायर: Ehsaan Sabz5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

सफ़र में हम अकेले तो नहीं थे
मोहब्बत थी झमेले तो नहीं थे

हमारे दिल में उन की चाह थी बस
हम उन के दिल से खेले तो नहीं थे

नमी उस रोज़ थी चंद आँसुओं की
इन आँखों में ये रेले तो नहीं थे

तक़ाज़ा कर रहे हैं सब ही लेकिन
वो फ़ाक़े सब ने झेले तो नहीं थे

था मंज़र मुख़्तलिफ़ कुछ सब्ज़ कल तक
हथेली पर ये ढेले तो नहीं थे