उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kyon KHata hain tere ausan meri jaan bata

क्यों ख़ता हैं तिरे औसान मिरी जान बता

کیوں خطا ہیں ترے اوسان مری جان بتا

शायर: Ehsaan Sabz6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

क्यों ख़ता हैं तिरे औसान मिरी जान बता
हो न हो तू है परेशान मिरी जान बता

देख चेहरा ये तिरा खा भी रहा है चुग़ली
यूँ न बन बे-वजह अंजान मिरी जान बता

सुन चुका बस मैं बहुत और नहीं सुननी है
कुछ नहीं है की ये गर्दान मिरी जान बता

इम्तिहाँ है तो मैं आसान किए देता हूँ
छोड़ क़िस्सा फ़क़त उन्वान मिरी जान बता

देख मैं छोड़ के घर-बार यहाँ पहुँचा हूँ
हो रहा है मिरा नुक़सान मिरी जान बता

गो मिरा नाम है तारीफ़ भी लेकिन मुझ पे
कर गुज़र आज ये 'एहसान' मिरी जान बता