उर्दू शायरी · ग़ज़ल

sach se milta-julta bol

सच से मिलता-जुलता बोल

سچ سے ملتا جلتا بول

शायर: Yasir Tahsin6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

सच से मिलता-जुलता बोल
झूट में कुछ तो सच्चा बोल

या तो आँखों देखा बोल
या आँखों का धोका बोल

ये वो ऐसे वैसे क्या
जितना पूछूँ उतना बोल

इतना सब कुछ कहने में
जो तू कह नहीं पाया बोल

थक जाएँ सारी आवाज़
अपनी चुप से इतना बोल

ख़ामोशी की फ़ौज के साथ
आवाज़ों पे हल्ला बोल