उर्दू शायरी · ग़ज़ल

saqi qadah-e-sharab de de

साक़ी क़दह-ए-शराब दे दे

ساقی قدح شراب دے دے

शायर: Pandit Daya Shankar Naseem Lakhnawi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

साक़ी क़दह-ए-शराब दे दे
महताब में आफ़्ताब दे दे

साक़ी बाक़ी जो कुछ है ले ले
बाक़ी साक़ी शराब दे दे

लैला मैं ने तुझे बनाया
मजनूँ मुझ को ख़िताब दे दे

प्यासा जाता है नश्तर-ए-यार
ओ रग कुछ ख़ून-ए-नाब दे दे

उस बुत से नसीम ज़र न तू माँग
जो चाहे वो बे-हिसाब दे दे