उर्दू शायरी · ग़ज़ल

rah ko aazma ke dekho to

राह को आज़मा के देखो तो

راہ کو آزما کے دیکھو تو

शायर: Jagdish Prakash4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

राह को आज़मा के देखो तो
इक क़दम फिर बढ़ा के देखो तो

एक नन्ही सी आरज़ू के लिए
ख़्वाब में घर बना के देखो तो

इश्क़ इक मो'जिज़ा सा होता है
तुम कभी दिल लगा के देखो तो

इन सवालों से कुछ नहीं होगा
तुम मुझे आज़मा के देखो तो